Sunday, January 26, 2014

Jain faiths are integral part of Hindu society, says VHP

VHP Press Release by Sri Champath Rai, International Secretary

विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री चम्पतराय एवं विहिप प्रवक्ता डाॅ0 सुरेन्द्र जैन का
संयुक्त प्रेस वक्तव्य
नई दिल्ली, 24 जनवरी, 2014
    जैन समाज को भारत में अल्पसंख्यक घोषित कराने का कांग्रेस का प्रयास सारे देश को धोखा देना है और केवल राजनीति है। जैन धर्मावलम्बी हिन्दू समाज के अभिन्न अंग हैं। सभी के परिवारों की परम्पराएँ एवं संस्कार एक समान हैं। कांग्रेस सरकार कहीं भाषा के नाम पर, कहीं जातियों के नाम पर, जातियों को उपजातियों के नाम पर तथा कहीं भिन्न-भिन्न मत, पंथ, सम्प्रदाय और धर्म के नाम पर हिन्दू समाज को बांटकर दुर्बल करना चाहती है। शिक्षा संस्थाओं में, बैंकों के लेनदेन में, नौकरियों और अन्य सरकारी कामकाज में सरकार की भेदभावपूर्ण नीति का ये दुष्परिणाम है। सरकार अपनी भेदभावपूर्ण नीति को समाप्त करे और ऐसी नीतियों का निर्धारण करे ताकि अल्पसंख्यक सूची में अपना नाम जोड़ने की होड़ समाप्त हो। यह भी स्पष्ट रहे कि भारत में कोई भी अल्पसंख्यक नहीं है।

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